FIR through telephone

क्या टेलीफोन के द्वारा एफ आई आर दर्ज की जा सकती है......?



सीआरपीसी की धारा 154 में स्पष्ट लिखा है कि पुलिस द्वारा टेलीफोन पर दी गई सूचना पर एफ आई आर दर्ज नहीं की जा सकती एफ आई आर दर्ज करने के लिए लिखित सूचना और हस्ताक्षर करना जरूरी है |




इस मामले में दो महत्वपूर्ण वाद है...


  1. सोमाभाई बनाम स्टेट ऑफ़ गुजरात: 
इस मामले में उच्चतम न्यायालय ने कहा कि यदि कोोई व्यक्ति थानेे भार साधक अधिकारी को संगे अपराध के घटित होने केे संदर्भ मैं टेलीफोन द्वारा सूचना देता है और सूचना दाता की पहचान हो जाती हैै कि वह कौन हैैैै और उसका निवास स्थान कहां है तो टेलीफोन द्वारा दी गई सूचनाा को प्रथम सूचना रिपोर्ट माना जा सकता है क्योंकि सूचना दाता का हस्ताक्षर संभव हो सकताा है |


  1. तपइंदर सिंह बनाम स्टेट ऑफ पंजाब :
 इस मामले में उच्चचतम न्यायालय ने कहा कि यदिि सूचना दाता की पहचान नहीं हो पाती और उस का निवास स्थान कहां है तो टेलीफोन द्वारा दी दी गई सूचना को प्रथम सूचना रिपोर्ट नहीं माना जाएगा|

सीआरपीसी की धारा 154 में स्पष्ट लिखा है कि पुलिस द्वारा टेलीफोन पर दी गई सूचना पर एफ आई आर दर्ज नहीं की जा सकती एफ आई आर दर्ज करने के लिए लिखित सूचना और हस्ताक्षर करना आवश्यक है|

सीआरपीसी की धारा 154 1 बताती है कि संगे अपराध से संबंधित प्रत्येक मौखिक दी गई सूचना को लिख कर लेना होगा और अगर कोई सूचना देने वाला व्यक्ति लिखने में सक्षम नहीं है तो सूचना किसी अन्य व्यक्ति द्वारा भी लिखवाई जा सकती है लेकिन थाने के बाहर साधक अधिकारी द्वारा उक्त सूचना को सूचना देने वाले व्यक्ति को पढ़कर सुनाया जाएगा वह उक्त सूचना पर उस व्यक्ति के हस्ताक्षर या अंगूठे के निशान करवाना जरूरी होगा|

वह इस सूचना को भाड़ साधक अधिकारी द्वारा थाने में उपलब्ध रजिस्टर में दर्ज करना आवश्यक के होगा और जिसने सूचना दी है उसको एफ आई आर की कॉपी निशुल्क देना होगा|



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